शेर के राजा होने से चीता की तेज रफ़्तार कम नहीं होती, चीता को भी बचाने के लिए दोबारा भारत में बुलाया गया ।घोड़े की बढ़िया नस्ल से खच्चर और गधे नहीं मरेंगे, ना तो अमीर धोबी घोड़ा खरीदेगा और ना ही अरबी घोड़ा अमरनाथ जाएगा । गाय के दूध के अमृत होने से भैंस का दूध जहर नहीं हो जाता, भैंस पालने वाले किसान के बच्चे भैंस ही पालती है – भैंस के बच्चे भी कम नहीं हुए गाय के माता होने से ।
हंस के ज्यादा सफेद होने के बाद भी शांति के लिए कबूतर ही उड़ाए जाते हैं,पंडित जी की तरह कौवा आज भी श्राद्ध खाता है और मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करता है ।
ये दुनिया भी बड़ी विचित्र है – ये तो सिर्फ सोच का असर है वरना हार तो उसकी है जो अपने को हीन मान लेता है, कुछ खास है हम सभी में…. बड़ी बड़ी किताबों के स्थान पर सारांश खरीदने वाले भी कम नहीं हैं, कुछ ऐसा भी है जो सारांश नहीं ख़रीदते और किताब भी नहीं पढ़ते विवेचना में अपना विश्वास जगाते हैं।
शेक्सपियर, प्रेमचंद और मैक्सिम गोर्की के होने के बाद भी गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स, ट्रेन टू पाकिस्तान, धर्मयुग से सरिता तक सबका महत्व है, जब जीवन में सात रंग हैं तो साहित्य भी एक रंग का नहीं हो सकता।
विज्ञान मानव की गणनात्मक क्षमता नहीं बढ़ सकती है सामाजिक विज्ञान समाज में भाषाई कुशलता नहीं ला सकती है, डॉक्टर पुल नहीं बना सकता और इंजीनियर केस नहीं लड़ सकता, पेट के लिए तो आयुर्वेदिक चूर्ण भी लेना पड़ता है। बड़ी कार में चलने वाला रिच प्रोफेशनल सुबह में अपनी साइकिल पर चलते नजर जरूर आ जाते हैं, कुछ हवाई जहाज़ में इस के लिए नहीं चढ़ते कि पैसे नहीं हैं और कुछ इस के लिए है कि उन्हें डर लगता है।
ये दुनिया भी बड़ी विचित्र है – ये तो सिर्फ सोच का असर है वरना हार तो उसकी है जो अपने को हीन मान लेता है, कुछ खास है हम सभी में….
विपश्यना ध्यान से होने वाली मुक्ति और गीता पढ के मुक्त होने वाले में शायद ही कोई फर्क होता है, अपनी पहचान दिखाने के लिए आपको स्वयं अपनी पहचान पर विश्वास होना चाहिए।
जेनिफर लोपेज, प्रिंसेस डायना और ऐश्वर्या राय की सुंदरता से नाओमी कैंपबेल, टायरा बैंक्स और विनी हार्लो के दीवाने कम नहीं हो जाते, डीजे ब्रावो का गाना चैंपियन सुन के तो गोरे भी काला बनना चाहते हैं।
मोटा, पटला, लांबा, छोटा, तीखा और भोंटा सब ही कहीं ना कहीं सुंदरता का पैमाना हैं……………….
ये दुनिया भी बड़ी विचित्र है – ये तो सिर्फ सोच का असर है वरना हार तो उसकी है जो अपने को हीन मान लेता है

