जयपुर /कई वर्षों के बाद जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब जयपुर में सही मायने में एक साहित्यिक आयोजन हुआ, जिसकी रूपरेखा लेखक और रंगकर्मी अशोक राही ने बनाई थी और पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा की इच्छाशक्ति से यह साकार हुआ, जिसमें महासचिव मुकेश चौधरी और कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों का भी सक्रिय योगदान रहा।
फेस्टिवल का उद्घाटन फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के सीईओ पवन अरोड़ा ने किया। उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, कवि नाटककार नन्दलाल आचार्य, कथक नृत्यांगना प्रेरणा श्रीमाली और वरिष्ठ छायाकार सुधीर कासलीवाल ने संबोधित किया। आचार्य और श्रीमाली ने विशेष रूप से भाषा में हो रहे बदलाव की चर्चा की।
पहला विशेष सत्र वरिष्ठ पत्रकार ईश मधु तलवार की याद में था। इस संगोष्ठी में दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, यशवंत व्यास, त्रिभुवन और प्रदीप गोविल ने इस विषय पर चर्चा की कि नई पीढ़ी क्या पढ़ना पसंद करती है। इस सत्र का संचालन आस्था सक्सेना कर रही थी।
ओपन माइक कार्यक्रम में काव्य रचनाओं का पठन किया गया जिसमें युवा कवि और कवित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
वरिष्ठ पत्रकार और कवि अशोक भटनागर “राष्ट्रध्वज” ने कविता की रचना और उसकी विशेषताओं पर युवाओं को मार्गदर्शित करते हुए अपनी रचनाएं सुनते हुए कहा कि किसी भी कालखंड में कविता और साहित्य हमेशा एक दूसरे के पूरक रहे है। युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि जितना अधिक पठन करेंगे उससे आप सभी का शब्दकोश बढ़ेगा तथा काव्य में गहराई में और निखार आएगा।
दूसरे विचार सत्र में लोकतंत्र और समकालीन पत्रकारिता पर हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति नंदकिशोर पांडे, दैनिक भास्कर के संपादक तरुण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार पूर्व सूचना आयुक्त नारायण बारेठ, पत्रकार अंकिता शर्मा ने अपने विचार रखे। सत्र का संचालन गरिमा श्रीवास्तव ने किया।
इन सत्रों के बाद शाम को आख़िरी कार्यक्रम मुशायरे का था। इसमें बकुल देव, आदिल राजा आदिल, फारूक इंजीनियर, मलका नसीम और अन्य शायरों ने प्रस्तुति दी।

