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देश में सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर तरह-तरह के सम्मान पैसे लेकर बेचे जा रहे हैं। सैकड़ो की तादाद में इस तरह के विज्ञापन आए दिन लोगों को भ्रमित करके राजनेताओं, फिल्म स्टारों के द्वारा यह सम्मान दिए जाने तथा मीडिया में कवरेज के नाम पर लाखों रुपए बटोरने का धंधा जोरों पर है।
सबसे सुलभ साधन इन फर्जी संस्था द्वारा फेसबुक को बनाया गया है जिसके माध्यम से यह तरह-तरह के पुरस्कार सम्मान और यहां तक की डॉक्टरेट की मानद उपाधि तक देने की गारंटी देकर आमजन से मोटा पैसा वसूल रहे हैं।
आश्चर्य तो इस बात का होता है कि इस तरह के सम्मान तथा अपने नाम के आगे डॉ. लगाने के प्रलोभन में लोग इन फर्जी संस्थाओं को मोटा पैसा देने में गुरेज नहीं करते हैं।
इस मामले में अधिक पड़ताल करने पर जानकारी में आया कि इस तरह के सम्मानों की कोई भी विधिक मान्यता नहीं है। कई वर्षों से यह गोरख धंधा पूरे देश में चल रहा है ना तो इसके बारे में सरकार चिंतित है ना ही इस तरह के फर्जी धंधे को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की कार्रवाई कर रहा है ।
गुमनाम विदेशी विश्वविद्यालय के नाम पर डॉक्टरेट की मानद उपाधि इस तरह की ठगी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के माध्यम से निरंतर जारी है। पुरस्कार जिन हाथों से दिलवाया जा रहा है उनमें प्रमुख फिल्म स्टार, राजनेता, विश्व सुंदरियां तथा अन्य प्रतिष्ठित
व्यक्ति विशेष भी इस गोरख धंधे का हिस्सा बन रहे हैं।
देश की सरकार तथा जिम्मेदार संस्थाओं को चाहिए कि इस तरह के गोरखधंधों को बंद किया जाए तथा दोषियों को लोगों के साथ ठगी करने के अपराध में कठोरता दंड देकर सलाखों के पीछे किया जावे।
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