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- आज भारत में डिग्री का कोई मतलब नहीं है- राहुल गांधी
- पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ रघु शर्मा पश्चिम बंगाल में बने ऑब्जर्वर
- “देर आए – दुरुस्त आए” धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- एवरग्रीन सीनियर सिटीजन क्लब का शुभ दिन कार्यक्रम संपन्न
- जयपुर में ACB का बड़ा ट्रैप
- मंदिर के चंदे की चोरी आखिर कब तक?
- कुछ खास है हम सभी में….
- “भारतीय शासन व्यवस्था की प्रयोगशाला”
Author: admin
प्रयागराज/ ‘आज भारत में डिग्री का कोई मतलब नहीं है’: “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में राहुल का दर्द, डाटा और दौलत पर फोकस कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि देश के युवाओं से बड़ा कोई नहीं है। राहुल गांधी ने प्रयागराज में कहा कि आप भारत की ताकत और शान हैं और जब मैं यह कहता हूं, तो मैं हर भारतीय नागरिक की बात करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत के 40 करोड़ युवा उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। अमेरिका, चीन और रूस की तो बात होती है, लेकिन…
नई दिल्ली/ कांग्रेस पार्टी ने ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा को पश्चिम बंगाल में एआईसीसी ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पश्चिम बंगाल में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया की निगरानी करने का कार्य सौंपा गया है। नई जिम्मेदारी के मुख्य पद: ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक।अभियान: संगठन सृजन अभियान। कार्यक्षेत्र: पश्चिम बंगाल। मुख्य कार्य: जिलों में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया की देखरेख और समीक्षा करना। डॉ. रघु शर्मा इससे पहले गुजरात और दादरा-नगर हवेली के…
आखिर युवा आंदोलन और विपक्ष की तीव्रता के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा। देर आए- दुरुस्त आए परीक्षा में नकल माफिया और सरकार की नाकामी पूरे देश में एक बड़ा सवाल बन गया था। नौजवानों को अपने वर्तमान और भविष्य की चिंता सताने लगी थी ऐसे में उनका आंदोलन हो जाना कोई आश्चर्य का विषय नहीं है। सरकार का युवाओं पर दमन चक्र लाठी चार्ज सैकड़ो युवाओं का घायल हो जाना जनरल ड्रायर की याद दिला गया। अहिंसापूर्ण आंदोलन और विपक्ष की मजबूती लोकसभा राज्यसभा में लंबा गतिरोध, राहुल प्रियंका की भूमिका तथा उनका युवाओं…
जयपुर – दफ्तरों की टांगखिचाईयों से निजात पाने के बाद और फिर गृहस्थी की जिम्मेदारियों से भी थोड़ा बहुत निबटने के बाद पकी हुई उम्र के कुछ लोग एक क्लब की छत्रछाया में कुछ पल सुकून और मस्ती के गुज़ारने की गरज़ से इकट्ठे हो लिए और उसका नाम रखा , “एवरग्रीन सीनियर सिटीजंस क्लब”। अधिकांश लोग पत्रकार कालोनी जयपुर के रहे तो पता वहां का लिया गया पर बाहें सारे जहां के लिए खुली रखी। हर दो एक महीनों में एक बार बचपन में मनाए गए बर्थडे और जवानी में मनाई मैरेज एनिवर्सरी की याद ताज़ा करने के…
मुहाना थाना जयपुर का कांस्टेबल ₹20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दूसरा सिपाही फरार जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए मुहाना थाना क्षेत्र में तैनात ER-112 के कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में एक अन्य कांस्टेबल सुरेश चौधरी फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। ACB के अनुसार परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके पड़ोसी दुकानदार की शिकायत के आधार पर दोनों पुलिसकर्मी उसे SC/ST एक्ट में केस दर्ज कराने का डर दिखा रहे थे। आरोप है कि…
आपको लगता है कि आप वर्तमान में राम मंदिर के चंदे में हुई हेराफेरी के बारे में मुझसे कुछ सुनेंगे, तो आप भ्रम में हैं। मैं फिर आपको याद दिलाना चाहूँगा कि मेरे द्वारा चयनित विषय राजनीति के महत्व के लग सकते हैं, किंतु उनका संदर्भ और परिप्रेक्ष्य बिलकुल अलग है। मुझे राजनीति से कोई दिलचस्पी नहीं है, और नरेंद्र भाई मोदी तथा राहुल गांधी को मैं उतना ही अपना मानता हूँ, जितना वे मुझे अपना मानते होंगे। खैर, आप इस घटना को समाज के चारित्रिक पतन से जोड़कर देख रहे होंगे, पर मुझे इस घटना का सामाजिक पतन के…
शेर के राजा होने से चीता की तेज रफ़्तार कम नहीं होती, चीता को भी बचाने के लिए दोबारा भारत में बुलाया गया ।घोड़े की बढ़िया नस्ल से खच्चर और गधे नहीं मरेंगे, ना तो अमीर धोबी घोड़ा खरीदेगा और ना ही अरबी घोड़ा अमरनाथ जाएगा । गाय के दूध के अमृत होने से भैंस का दूध जहर नहीं हो जाता, भैंस पालने वाले किसान के बच्चे भैंस ही पालती है – भैंस के बच्चे भी कम नहीं हुए गाय के माता होने से । हंस के ज्यादा सफेद होने के बाद भी शांति के लिए कबूतर ही उड़ाए…
“यदि हम अपने साथ घटित होने वाली हर चीज़ का अर्थ जानते, तो इसका कोई अर्थ नहीं होता।” – इदी अमीन जब भी हम भारतीय शासन प्रणाली के बारे में सोचते हैं तो हम न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे विद्वान और शायद सबसे सक्षम लोगों के बारे में सोचते हैं। लेकिन भारत विविधतापूर्ण और विरोधाभासों का मिश्रण वाला देश है, इस कारण यह संभावना है कि जो बात पूरी दुनिया पर लागू होती है वह भारत पर लागू न हो। यही कारण है कि ईदी अमीन के जो उद्धरण पूरी दुनिया के लिए अच्छे नहीं माने जा…
भारत वर्ष में हमेशा से विदेशी चीजों को आदर दिया जाता रहा है, विदेशी वस्तुओं को हमारे देश में एक विशेष दर्जा प्राप्त है। पर आजकल विदेश एक अलग तरह की श्रेष्ठता का बोध अनुभव कर रहे हैं। भारतीय पहले विदेश भ्रमण के दौरान जब विदेश भ्रमण पर जाते थे तो विदेशी कपड़े, जूते, पर्स, पर्फ्यूम, सोना, घड़ियाँ आदि अपने थैलों और अटेचियों में भर कर लाते थे। वैश्वीकरण के बाद हम विदेश प्रवास पर रोजगार, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए अधिक जाने लगे हैं। अब थैलों और अटेचियों में विदेशी सामान तो उतना नहीं भर कर आता है (शायद…
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का वह दिन इक्कीस मई… आज बरसों बाद फिर मेरी आँखें नम हुईं, वही बैचेनी महसूस हुई क्योंकि यह तारीख मेरे लिए सिर्फ एक दिन नहीं है। यह एक ऐसी याद है, जो हर साल दबे पाँव धीरे से मेरी आँखों के सामने चली आती है; थोड़ी भीगी हुई सी , दिल पर भारी बोझ सी और चेतन- अवचेतन में कहीं भीतर तक धंसी हुई। मैं तब छबड़ा में थी,अपनी छोटी बहन दीपा # Deepmala Sharma के साथ। हम दोनों अपने चाचा के पास गर्मियों की छुट्टी बिताने गई थीं। मैं शायद बारहवीं में…
